Wednesday, July 31, 2024

झूठी बातें लिख दी

 अच्छी अच्छी बातें लिख दी

खुशियों की बरसातें लिख दी।

सत्ता का गुण गाने वाले को

कितनी सौगातें लिख दी।

सपनों में सूरज चमकाकर

काली लंबी रातें लिख दी।

जुगनू के पर काट छांट कर

लाचारी की लातें लिख दी।

वो दीवाना तन्हाई का है

उसके घर बारातें लिख दी।

कृषक पालते सारे जग को

हिस्से में खैरातें लिख दी।

‘विनीत’ कितना पागल है तू

कितनी झूठी बातें लिख दी।


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